STORYMIRROR

Sarvesh Saxena

Romance

4  

Sarvesh Saxena

Romance

एक दिन....

एक दिन....

1 min
322

एक दिन.. मिलेंगे हम एक दिन

एक दिन.. मिलेंगे हम एक दिन

बागों में जब फूल खिलेंगे,

अंबर में ये पंछी उड़ेंगे, 

खुशियां बनकर जल बरसेगा 

हम पर बादल बिन 

एक दिन.. मिलेंगे हम एक दिन 


हमसे जब ना रातें कटेंगी 

आहें भी जब आहें भरेंगी

तब जीना मुश्किल होगा 

जब कटेंगे ना पल छिन 

एक दिन.. मिलेंगे हम एक दिन 


दिल जब ना ये दूरी सहेगा 

रुक रुक कर जब दिल धड़केगा,

घिर घिर कर जब आएगा 

प्यार का वो मौसम 

एक दिन.. मिलेंगे हम एक दिन।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance