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संजय कुमार जैन 'पथिक'

Tragedy

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संजय कुमार जैन 'पथिक'

Tragedy

एक धमाका हुआ

एक धमाका हुआ

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एक धमाका हुआ

कुछ लोग निंदा कर रहे हैं

कुछ कड़ी निंदा कर रहे हैं

कुछ फिर से बहुत कड़ी निंदा कर रहे हैं

कुछ दुखी हैं इतने कि

निंदा भी नही कर पा रहे हैं

कुछ और भी हैं

जो लिस्ट बना रहे हैं

और सोशल मीडिया पर चिपका रहे हैं

फलां ने निंदा नहीं की

या की मगर कड़ी निंदा नहीं की

तब तो वह देशद्रोही है

उसे पाकिस्तान चले जाना चाहिए

निंदा की रोटी सिकती रहनी चाहिए

निंदा राष्ट्रधर्म है

सिर्फ यही हमारा कर्म है

नपुंसक ,कायर और धोखेबाज

और तो कुछ कर नही सकते

यही इसका मर्म है।



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