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Garima Mishra

Abstract

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Garima Mishra

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एक अजनबी

एक अजनबी

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वो एक अजनबी था

जो उसके लिए इतना ख़ास हो गया

जिसपे उसे खुद से ज्यादा विश्वास हो गया

वो एक अजनबी था...


वो एक अजनबी था

जिसने उसे प्यार का मतलब समझाया

उसे अपनी बातों से रिझाया

और जब गया तो कभी लौटकर ही नहीं आया

वो एक अजनबी था...


वो एक अजनबी था

जिसने उसे इतना रुलाया

उसे मोहब्बत से ही नफरत करना आया

जिसने उसकी जिन्दगी में दर्द को बसाया

वो एक अजनबी था...


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