STORYMIRROR

एक अजनबी से प्यार का रिश्ता

एक अजनबी से प्यार का रिश्ता

1 min
927


ये खुदा भी अंजान रिश्ते बनाता है

एक अजनबी से प्यार का रिश्ता बनाता है।


ऋत अलग है, रिश्ता नया है फिर भी

तेरे लिये क्यों प्यार निभाता है।


तूने जो रिश्ता चुना है, हम खफा नहीं तुझसे

बस दिल से गिला है क्यों तेरे लिये दिल जलाता है।


तन्हाईयों से अब रिश्ता बनाया है हमने

रात भर जाग के खुद को आँसूओं में डूबाता है।


ये शब्द नहीं मेरे दिल की आह है

जो तुझे याद करके भुलाने की कोशिश कर

तुझे बुलाता है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance