Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

भावना कुकरेती

Tragedy

4.8  

भावना कुकरेती

Tragedy

दर्द

दर्द

1 min
434


ताउम्र रहेगा

अंगारा हुआ

दर्द यहां

रोज चिनार पीछे


लगेगा

उदास आसमां।

चन्द अश्क़

बिखरेंगे

आंगन धुलेंगे

गुमसुम

मुस्कान रहेगी।


वक्त लौटता नहीं

सबको पता

मगर उम्मीद

पहरों

ख्वाब सजायेगी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy