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Vivek Gulati

Abstract

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Vivek Gulati

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दोस्ती का नशा

दोस्ती का नशा

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ना व्हिस्की, बीयर, रम या वोडका

असली नशा है यारों सिर्फ़ दोस्ती का

बैचमेट्स से दोस्त बनाये रीयुनोइन ने

फ़ेसबुक फ़्रेंड्स को दिखाए दोस्ती के सही मायने

मिलते ही सालों पीछे पहुँच जाओगे

उन्हीं पुरानी बातों पर हंसोगे और हंसाओगे

पहली बार आ रहे हो या आते हो हर बार

मिलते ही टूट जाती है संकोच की दीवार

टीचर और दोस्तों को दिये थे ख़ास नाम

क्यों रखे, यही समझाते गुजर जाती शाम

कब तक अधर में लटके रहोगे

हाँ या ना में अटके रहोगे

एक बार डुबकी मार के देखो

दोस्तों की महफ़िल में आ कर देखो

अपने दिल की सुनो और आ जाओ

दो दिन के लिये ज़िम्मेदारी भूल जाओ

अपने और अपनों से मिलकर अच्छा लगेगा

बढ़ती उम्र का बहाव ज़रूर थमेगा

दो दिन के लिए बचपन जी लो

दोस्तों के साथ दोस्ती की शराब पी लो।


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