STORYMIRROR

Aasha Pawar

Tragedy

3  

Aasha Pawar

Tragedy

दिन आ रहे है...

दिन आ रहे है...

1 min
164

दिन आ रहे है, जा रहे है,

हम भी उन्हे जी रहे हैं,

हर एक पल का हिसाब

हर एक पल रख रहे है....


पर मानो लम्हें कुछ छूट रहे हैं ...

वक्त गुजर रहा है,

जिंदगी कट रही है ...

बस दिल वही रुका हुआ है,


                 जहाँ तुम्हारी सांसे रुकी हुई थी ....


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy