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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

दिल में मुझको बसा ले

दिल में मुझको बसा ले

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दिल की पुकार सुन कर तू,

मेरे दर्द को ज़ान ले,

नफ़रत छोड़कर वापस आज़ा,

 दिल में मुझको बसा ले।...

दिलसे प्यार किया है तुझको,

उसको दिल में झांक ले,

बिरहा के आंसू बहाया है मैने,

आकर आंसु तू पोंछ ले।.... 

दिन रात तड़प रहा हूं मै,

मेरी तड़प को ज़ान ले,

तन्हाईयॉं में जी रहा हूं,

हालत मेरी तू देख ले।.... 

तेरे प्यार का दिवाना हूं मै,

उस पर ऐतबार कर ले,

दर्द से घायल बना हूं,

ज़ख्म आकर मिटा ले।..

न कर गहरी कसौटी मेरी,

मेरे प्यार को पहचान ले,

 जीवन भर का साथी हूं मै,

"मुरली" को अपना बना ले।



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