दिल की कही
दिल की कही
दिल की कही माने न तू,
अपने आशिक़ को
जाने न तू।
दीवाना जो तेरा,
तुझको ही चाहे ,
अपनी चाहत को
पहचाने न तू।
एक तेरा नाम,
जो जपता दिन रात,
उस नाम को
मनाये न तू।
तेरी साँसों की खुशबू,
मेरे दिल मे बसी,
उसकी उड़ान को
जाने न तू।
आँचल जो तेरा,
लहरा के आया,
वो हवा का झोंका
भुलाये न तू।
प्यार का अहसास,
कैसे करा दूँ,
प्यार की गहराई
नापे न तू।
मुझको पता है,
तुम मेरे हो,
अपने ही दिल को।
संभाले न तू,
दिल की कही माने न तू,
अपने आशिक़ को
जाने न तू।

