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Mayank Kumar 'Singh'

Romance


5.0  

Mayank Kumar 'Singh'

Romance


दिल की बात दिल में

दिल की बात दिल में

1 min 282 1 min 282

कितने बात थे हमारे दिल में

तू सामने थी पर मैं कह न पाया

बस तेरी आंखों को देखकर।


मैं ठहर सा गया

और कुछ बोलता

इससे पहले ही

मेरी बातें आंसुओं में बह गई !


पर याद है मुझे

तू कैसे मुझे

अपना कहा करती थी

जब भी मैं दुखी होता था

अपनी बाहों में

भरा करती थी ..!


कितने बात थे हमारे दिल में

तू सामने थी पर मैं कह न पाया।


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