दिल के कोने मे
दिल के कोने मे
दिल के कोने में उनकी एक तस्वीर छुपी हुई है
सोचता हूँ कि, उसकी हर एक फोटो को यूं सजाता
मेरे दिलनशीं तो मुझसे कब के रूठे हुए हैं
जाते जाते थोड़ा सा उनको मैं मनाता
मेरे ख्वाब में वो यूं रात भर आते रहे
उनको अपना ये हाल-ए-दिल को बताता
दिल ये उल्फत के आगोश में यूं जल रहा
उनके यादों में मेरे आँखो से आँसू जा रहा बहाता
मेरे दिल के सागर में भी एक वो तूफान सा उठ रहा
उनके इस महोब्बत मे डूब जाऊँ या, उनको डूबाता चलूँ
मेरे प्यार का ये सिलसिला यूं इस तरह बढ़ रहा
कि मै भी उनके नज़रों से अपने नज़रें को यूं मिलाता चलूँ
उनके बिना मेरी ये जिन्दगी अब अधूरी है
सोचता हूँ कि अब उसे मै अपना बनाता ही चलूँ !

