STORYMIRROR

Navya Agrawal

Abstract Romance

4  

Navya Agrawal

Abstract Romance

दीदी तेरा देवर दीवाना

दीदी तेरा देवर दीवाना

2 mins
415

पहले दिल को चुराना, फिर दिल का लगाना २

जैसे राधा का कान्हा, दिल ये तेरा दीवाना २

सांसों में तेरी खुशबू....

सांसों में तेरी खुशबू, मेरी जां महकाना

जैसे राधा का कान्हा, दिल ये तेरा दीवाना २

पहले दिल को चुराना......

यूं करके बहाना, ना तुम नजदीक आना २

सारे जग से बेगाना, दीदी तेरा देवर दीवाना २

पहले दिल को चुराना........


१)

तेरी बातों में शरारत, तेरी चंचल सी अदा

तेरी आंखों का समंदर, भिगाए बेवजहा 

तेरे दिल की सादगी, तेरे दिल की हर सदा

तेरे लब की ये हंसी, मुझे खींचे हर दफा

सीने में बनके धड़कन...

सीने में बनके धड़कन, दिल मेरा धड़काना

जैसे राधा का कान्हा, दिल ये तेरा दीवाना २

जादू तेरी बातों का, ना मुझ पे चलाना २

सारे जग से बेगाना, दीदी तेरा देवर दीवाना २

पहले दिल को चुराना........


२)

तू ही इन ढलती शामों में, तुझसे मेरा हर दिन शुरू

छिड़ जाते दिल के साज सारे, होती है जब तू रूबरू

तेरी मोहब्बत का है असर, तेरे इश्क़ का ही है जुनूं

तू ही तो बस मेरा रहनुमा, तेरे होने से मिलता सुकूं 

तेरे बिना अब है अधूरा...

तेरे बिना अब है अधूरा, चाहतों का फसाना

जैसे राधा का कान्हा, दिल ये तेरा दीवाना २

भंवरे के जैसे तुम, छोड़ो मुझ पे मंडराना २

सारे जग से बेगाना, दीदी तेरा देवर दीवाना २

पहले दिल को चुराना........


पहले दिल को चुराना, फिर दिल का लगाना

जैसे राधा का कान्हा, दिल ये तेरा दीवाना

यूं करके बहाना, ना तुम नजदीक आना

सारे जग से बेगाना, दीदी तेरा देवर दीवाना

पहले दिल को चुराना........


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract