STORYMIRROR

Navya Agrawal

Inspirational

3  

Navya Agrawal

Inspirational

मालिनी एक संघर्ष गाथा

मालिनी एक संघर्ष गाथा

1 min
183


एक औरत जो प्रताड़ित की गई अपने पति द्वारा

एक औरत जिसका बलात्कार हुआ पति के दोस्तो द्वारा

एक औरत जिसका घर टूटा उसकी सहेली द्वारा

एक औरत जिसे जलील किया गया समाज द्वारा

एक औरत जिसे बदनाम किया गया मीडिया द्वारा

एक औरत जिसके बच्चे को छिनने की कोशिश की गई

एक औरत जिसके बच्चे को मारने की साजिश रची गई

एक औरत जिसे डराने के लिए सैकड़ों चालें चली गई

लेकिन

उसका हाथ थामा एक नेक दिल महिला ने

उम्मीदों का दामन नहीं था कभी छोड़ने दिया

स्वयं से स्वयं का था उसे परिचय दिया

न कभी गिरने दिया, ना कभी झुकने दिया

कदम कदम पर बहनों जैसे साथ दिया

आत्मनिर्भर बना स्वाभिमान का ज्ञान दिया

मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था

दूसरों को जीना सिखाने वाली के पास वक्त कम था

सांसों की लड़ियां टूट गई, मिसाल दुनिया में छोड़ गई

हिम्मत, हौसले, बलिदान से,

मेहनत, त्याग और आत्मविश्वास से

अपने बेटे में क्रोध की ज्वाला जगा गई

मरकर भी वह जग में बदलाव की लौ जला गई

महिला के उत्थान के नव दीप जहां में जला गई।

(मालिनी : एक संघर्ष गाथा कहानी अब पब्लिश हो चुकी है, यह कविता उस कहानी का सार मात्र है। जो भी कहानी में रुचिकर या इच्छुक हो वह अमेजन, फ्लिपकार्ट या नोशन प्रेस से जाकर बुक खरीद सकता है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational