महिषासुरमर्दिनी
महिषासुरमर्दिनी
1 min
222
तू ही दुर्गा, तू ही काली, तू ही मात भवानी है।
भक्तो की तू दीन दयाला, आदिशक्ति महारानी है।।
महिषासुर का मर्दन करती, तू महिषासुरमर्दिनी है।
चंडमुंड संहारती रण में, तू ही मां संकट हरणी है।।
सुख की कर्ता, दुःख की हर्ता, मां सुखसंपतिकरणी है।
चिंता शोक सब दूर करे, मईया मेरी चिंतपूर्णी है।।
रक्तबीज का रक्त है पीती, मां काली कपालिनी है।
सती पार्वती लक्ष्मी स्वरूपा, तू मां जगत जननी है।।
