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सोनी गुप्ता

Abstract

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सोनी गुप्ता

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दिल के करीब

दिल के करीब

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तुम दूर हो

 दिल के करीब हो मगर

मिलना है तुम से

फिर उसी डगर


हाँ याद है मुझे

वो मीठे- मीठे पल

तुम्हारे संग बिताए

वो बीते हुए कल 


आज फिर वो

दिन याद आते हैं

चलो फिर मिलकर

कुछ पल साथ बिताते हैं


तुम्हारा हाथ

अब न छोड़ना है

जीवन की राहों में तुम संग

आगे चलना है


धड़कता दिल है तुम्हारे लिए

अब जीना तुम्हारे लिए

और मरना भी तुम्हारे लिए

तुम दूर हो

दिल के करीब हो मगर।


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