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Shailaja Bhattad

Inspirational

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Shailaja Bhattad

Inspirational

धूप

धूप

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धूप ही धूप थी इस कदर

कि काली रात का भी रहा नहीं अब कोई कहर। 

आया हो जिंदगी में कोई भी पहर

सुख दुख का अंतर रहा बेअसर।


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