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Twinckle Adwani

Action Classics Fantasy

4  

Twinckle Adwani

Action Classics Fantasy

धन की माया

धन की माया

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धन की माया निराली है 

इससे चले दुनिया सारी

 धन से जुड़े अब गाठे

धन के दिखावे का बना संसार है।

धन दिलाऐ मान सम्मान


धन की चाह में शरीर भूल जाते हैं 

फिर शरीर कि चाहा में धन अत्यधिक गवाते हैं।


धन कमाने कि होड मे बुरे कर्म कर जाते हैं।

धन के लालच में संस्कार हिंन हो जाते हैं।

धन से तो इंसान कुछ दिन ही सुख पायेगा


प्यार रिश्ते मीठी वाणी में ही निभा पाएगा

धन का ना कर अभिमान 

यह तो एक दिन मिट जाएगा।


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