STORYMIRROR

Abhishek Singh

Romance

3  

Abhishek Singh

Romance

धड़कन!

धड़कन!

1 min
257

वो तुम ही तो हो जिसपे मेरी नज़र है,

वो तुम ही तो हो जिसपे मेरी नज़र है,

वो तुम ही तो हो जिससे मेरा दर्द है।


वो तुम ही तो हो जिससे मिला मुझे सुकून है,

वो तुम ही तो हो जो मेरे दिल की धड़कन है।


वो तुम ही तो हो जो मेरे साँसों की तड़पन है,

तुमसे ही तो ये साँसे है,

और इसी साँस से ही तो मैं हूँ।


वो तुम ही तो हो जिसपे मेरी नज़र है,

वो तुम ही तो हो जिसपे मेरी नज़र है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance