Neetu Tyagi
Abstract
मेरा देश महान
कहता सारा जहां
चांद हो या हो सूरज
फहरायेगा तिरंगा
हमारा हिन्दुस्तान।
लड़कियों ! तु...
माँ तुम्हारी...
पतंग
तुम हारे क्यो...
मेरी अध्यापिक...
सपनों से अच्छ...
देश
प्रज्ञान पहुं...
समझौतो से हार...
मां मैं स्वीक...
पतझड़ में झड़ गए पत्ते सारे सूखी शाख पर लगी है आग। पतझड़ में झड़ गए पत्ते सारे सूखी शाख पर लगी है आग।
राष्ट्रप्रेम की भावनाओं का, जिनको होता नहीं है अर्थ उन नरों का जीवन भी क्या है राष्ट्रप्रेम की भावनाओं का, जिनको होता नहीं है अर्थ उन नरों का जीवन भी क्या ह...
हिंदी का सम्मान हमारा स्वयं का देश का है सम्मान, हिंदी का सम्मान हमारा स्वयं का देश का है सम्मान,
मैं और कुछ नहीं जानती बस इतना जानती हूँ कि उसने प्रेम किया था। मैं और कुछ नहीं जानती बस इतना जानती हूँ कि उसने प्रेम किया था।
यहाँ तो दरिया में पड़े पत्थर की तरह कतरा कतरा टूटा हूँ मैं यहाँ तो दरिया में पड़े पत्थर की तरह कतरा कतरा टूटा हूँ मैं
रामराज्य का हमें भी तो कम से कम एक बार दर्शन कराओ। रामराज्य का हमें भी तो कम से कम एक बार दर्शन कराओ।
पल- पल बढ़ते कदमों से, पल पल बदल जाती है। पल- पल बढ़ते कदमों से, पल पल बदल जाती है।
लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते। लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कु...
ज़िंदगी कब सरल थी हुई, कब मैं इतनी विरल थी हुई ज़िंदगी कब सरल थी हुई, कब मैं इतनी विरल थी हुई
बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है? बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है?
आधी शक्ति युग दुनिया की अर्ध नारीश्वर का ब्रह्माण्ड। आधी शक्ति युग दुनिया की अर्ध नारीश्वर का ब्रह्माण्ड।
चलो दिवाली का एक नया रूप हम दिखाते हैं, दिवाली ऐसी भी होती आप सबको बताते हैं। चलो दिवाली का एक नया रूप हम दिखाते हैं, दिवाली ऐसी भी होती आप सबको बताते हैं।
कौन नहीं वाचाल है, क्यों मुझ पर आरोप। शब्दों का भंडार है, किससे कम यह तोप।। कौन नहीं वाचाल है, क्यों मुझ पर आरोप। शब्दों का भंडार है, किससे कम यह तोप।।
गुप्त आत्मालाप से जाग्रत हो उठती है, आत्म अनुभूतियाँ। गुप्त आत्मालाप से जाग्रत हो उठती है, आत्म अनुभूतियाँ।
उधम सिंह फोटो काटकर, जेब में ली सरका। राम मोहम्मद सिंह आजाद, बाजू पे खुनवा। उधम सिंह फोटो काटकर, जेब में ली सरका। राम मोहम्मद सिंह आजाद, बाजू पे खुनवा।
लेकिन मेरा यकीं करो, मैंने सुनी है चीख उन पंछियों की जिनके पर कतर दिए गए : लेकिन मेरा यकीं करो, मैंने सुनी है चीख उन पंछियों की जिनके पर कतर दिए गए :
प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार। प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार।
नारायण के भक्त अरु, गंगा के सुत वीर। कृपा आपनी कीजिए, प्रमुदित रहे शरीर।। नारायण के भक्त अरु, गंगा के सुत वीर। कृपा आपनी कीजिए, प्रमुदित रहे शरीर।।
दिल तो देता है दलीलें हमें समझाता है, दर्द भीतर से निचुड़ने से मना करता है। दिल तो देता है दलीलें हमें समझाता है, दर्द भीतर से निचुड़ने से मना करता है।