Neetu Tyagi
Abstract
मेरा देश महान
कहता सारा जहां
चांद हो या हो सूरज
फहरायेगा तिरंगा
हमारा हिन्दुस्तान।
लड़कियों ! तु...
माँ तुम्हारी...
पतंग
तुम हारे क्यो...
मेरी अध्यापिक...
सपनों से अच्छ...
देश
प्रज्ञान पहुं...
समझौतो से हार...
मां मैं स्वीक...
जिंदगी खुली हुई किताब है, जिसकी हर जगह ही जीत पक्की है, उसकी। जिंदगी खुली हुई किताब है, जिसकी हर जगह ही जीत पक्की है, उसकी।
लगता है अब वे नदियों में, सागर में, कुओं में हैं समा चुकी। लगता है अब वे नदियों में, सागर में, कुओं में हैं समा चुकी।
इस महामारी में मंत्री हो या संतरी कोरोना लील रहा सबकी जिंदगी। इस महामारी में मंत्री हो या संतरी कोरोना लील रहा सबकी जिंदगी।
अपने साथियों के साथ परिवार के संकट मिटाउंगी। अपने साथियों के साथ परिवार के संकट मिटाउंगी।
जान शहीद प्रथम उसको ही, लड़ता था जो शान्ति विहीन। कैसे-कैसे दुख आए थे, जिसने देखा अंत जान शहीद प्रथम उसको ही, लड़ता था जो शान्ति विहीन। कैसे-कैसे दुख आए थे, जिसने ...
'कि क्या बेचता है ये बच्चा'? बूढ़ी माई के बाल ?? हसरतें?? या अपना बचपन?? 'कि क्या बेचता है ये बच्चा'? बूढ़ी माई के बाल ?? हसरतें?? या अपना बचपन...
न शोक करो न खुशफहमी पालो, जो बीत गई,वो बात गई। न शोक करो न खुशफहमी पालो, जो बीत गई,वो बात गई।
विश्वास प्रेम आस्था मुस्कान अपनो की तो अब बचा क्या ? विश्वास प्रेम आस्था मुस्कान अपनो की तो अब बचा क्या ?
स्वार्थी जग से दूर है, हम घने अंधेरे के भूत है, हम स्वार्थी जग से दूर है, हम घने अंधेरे के भूत है, हम
मानो मेरी आत्मा को जगाने की कोशिश कर रहा था। मानो मेरी आत्मा को जगाने की कोशिश कर रहा था।
मिलकर दंपति रजनी में, मन के सब भेद मिटाए। मिलकर दंपति रजनी में, मन के सब भेद मिटाए।
ठहाके से मधुर मुस्कान का सफर एक उन्मुक्त हंसी था और एक बोझिल हंसी है। ठहाके से मधुर मुस्कान का सफर एक उन्मुक्त हंसी था और एक बोझिल हंसी है।
हम अटके रहे सूंड कान पांव धड़ मे और पूर्ण हाथी रहा अगम्य। हम अटके रहे सूंड कान पांव धड़ मे और पूर्ण हाथी रहा अगम्य।
करवाएं हम सभी वेक्सीनेशन सुरक्षित रहेगा तभी तो नेशन।। करवाएं हम सभी वेक्सीनेशन सुरक्षित रहेगा तभी तो नेशन।।
आना कभी नज़रें चुराने के लिए, बारिशों में संग भिगाने के लिए। आना कभी नज़रें चुराने के लिए, बारिशों में संग भिगाने के लिए।
जनक सुता की खोज में वानर भी वारिधि लांघता है स्नेह सबको बांधता है। जनक सुता की खोज में वानर भी वारिधि लांघता है स्नेह सबको बांधता है।
आशा की किरणों के पकड़ पर बीतेगी रात, आयेगी भोर प्रहर आशा की किरणों के पकड़ पर बीतेगी रात, आयेगी भोर प्रहर
हफ्ते भर को पैदा इश्क, जमाने तक चला जाए। हफ्ते भर को पैदा इश्क, जमाने तक चला जाए।
कोइ रात पूनम तो कोइ रात अमावस, चांदनी उसी की जो चांद पाना सीख ले। कोइ रात पूनम तो कोइ रात अमावस, चांदनी उसी की जो चांद पाना सीख ले।
और सरकारों के लिये आकर्षण का केंद्र बन रही है। और सरकारों के लिये आकर्षण का केंद्र बन रही है।