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DR. RICHA SHARMA

Inspirational

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DR. RICHA SHARMA

Inspirational

देश की माटी

देश की माटी

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देश की माटी में जन्मे सच्चे सपूत कहलाते हैं। 

वे अत्यंत कोमल हृदय संवेदनशील कहलाते हैं।। 


देश की माटी को सदैव सिर-माथे हम लगाते हैं। 

अपना भारतीय होने का सच्चा फ़र्ज़ निभाते हैं।। 

ऐसे निर्मल देशवासी सदा सभी के मन को भाते हैं। 

इस पावन संसार में कर्मठ जन सच्चा सुख पाते हैं।। 


देश की माटी से हमको चंदन की सुगंध है आती। 

इसीलिए हम भारतीयों के मस्तक पर सज जाती।। 

नदी, सरोवर, तालाब आदि को भी स्वच्छ है बनाती। 

केवल सुकर्मों के साथ ही निरंतर आगे बढ़ना सिखाती।। 


देश की माटी में बहता जल हमेशा कल-कल करता जाता है। 

अपने नादान बच्चों को स्वस्थ बनाने हेतु फल देता जाता है।। 

यथानियम सूरज भी उगता और फिर समय से ढल जाता है। 

राष्ट्र की मृतिका को स्पर्श करते ही चेहरा मेरा खिल जाता है।। 


देश की माटी का आदर-मान सदैव बनाए रखना है। 

अपने भीतर शीतलता जैसा गुण बनाए रखना है।। 

स्वच्छ, निर्मल, दोष रहित खुद को बनाए रखना है। 

सभी देशवासियों को ज्ञान का चिराग जलाए रखना है।। 



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