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Dr Mahima Singh

Inspirational

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Dr Mahima Singh

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देश की माटी

देश की माटी

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मेरा प्यारा देश अलौकिक,

 मेरे देश की माटी चंदन है।

बच्चा-बच्चा कृष्ण और राम है,

हर बाला लक्ष्मी बाई, दुर्गा माई है।


देश का गौरव गान हम गाएंगे 

दूर दूर तक इसको गुंजित हम कर जाएंगे।


भारत मां के चरण पखारे सरिता यहां,

 हरे भरे वन माथे को चूमते जहां।

सूरज जाकर सबसे पहले करता नमन 

चंदा तारे आरती उतारते भारत भूमि की 

है ऐसा प्यारा अनोखा अलौकिक देश हमारा।


मेरा देश अति विशाल अति महान।

है भिन्न यहां की बोली ,

है भिन्न यहां के प्रदेश, 

है धर्म अनेक,

 पूजा की विधियां अनेक,

 गूंथा है हम सबने मिलकर एक माला में सारी विविधताओं को ,

 हमारी भारत भूमि है स्वर्ग से भी बढ़कर,

देवता भी जन्म लेते यहां बार-बार

दधीचि सा त्याग यहां,

 मेरा प्यारा देश अलौकिक।


हैं अनोखी इस की कहानियां ,

हैं हर कहानी में संदेश छुपा,

डाकू भी बनते हैं यहां ज्ञान से बाल्मीकि रचते रामायण,

भगत सिंह, आजाद, नेताजी, रानी लक्ष्मीबाई,

चक्रवर्ती सम्राट पृथ्वीराज चौहान महाराणा प्रताप की कहानियां

गूंजती कण-कण में, प्रेरणा लेते जिससे देश के जन जन।

गीता का ज्ञान यही लेता है संसार प्रेरणा जिससे।


संसार का सिरमौर हमारा भारत इसकी माला में अनेकों अनमोल मोती।

है कहानियां अनगिनत क्या क्या तुम्हें सुनाऊ,

 शब्दों की बंदिश में क्या क्या बांधू

एक स्वर से गूंजता मां भारती का अमर गान,

 इस भारत भूमि पर देव भी चाहे जन्म लेना बारंबार।


है हम सौभाग्यशाली जो पाया इस अलबेली धरती पर जन्म।

हम सबकी प्यारी भारत भूमि को नमन मां भारती को कोटि-कोटि नमन।

आजादी का अमृत महोत्सव हर दिन आओ मिलकर मनाएं,

हर दिल में देश प्रेम का दीप जलाएं 

घर घर तिरंगा लहराये ।

जय हिंद! जय भारत!


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