देश के वीर
देश के वीर
राष्ट्र हित में हम सदा वीर तत्पर रहें
राष्ट्र की सुरक्षा के लिए,तैयार हो निस्वार्थ।
राष्ट्र नेताओं को भी होना होगा तैयार,
देश की सुरक्षा के लिए बनो तलवार की धार ।
देश की सुरक्षा के लिए दी वीरो ने जान
तिरंगे में लिपट कर किया अमर बलिदान ।
ईर्ष्या, द्वेष , अकर्मण्यता बन बैठा हर इंसान।
देश के सुरक्षा बल ने कुचल दिये उनके अरमान।
भगतसिंह,राजगुरु,सुखदेव ने देकर अपनी जान ,
चूमकर फांसी का फंदा किया देश सम्मान।
कुछ नेताओं को सियासत पाने का बहुत भूत चढ़ ,
कुर्सी की चाहत में,दुश्मनो से प्यार बहुत बढ़ा ।
हे सच्चे वीर जवानों,एक बार फिर लौट आओ ,
हमारे देशवासियों को अब सच्चाई की राह दिखाओ ।
हर देशवासी को अपना हर कर्तव्य निभाना ही होगा ,
देश की सुरक्षा के लिए अपने को कुर्बान करना होगा।
हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई,सबको एक होना होगा,
भारत माँ की अस्मत को ,हर हाल में बचाना होगा।
देश के कुछ नेताओं के गलत फैसले,
अंधे होकर नहीं मानना है ,
अपने विवेक और बुद्धि का हमें भी स्तेमाल करना है।
देश की अखंडता के लिए
देश के सभी युवाओं को,सामने आना होगा।
सभी देशवासियों को अब सच्चाई की राह दिखाना है।
यही निष्ठा हो ,यही कर्तव्य हो ,
देश का जन-जन सुखी और सम्पन्न हो।
जय हिन्द जय भारत
