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Bharat Jain

Abstract Others

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Bharat Jain

Abstract Others

देख फकीरा आया गया।

देख फकीरा आया गया।

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पैसा न कौड़ी मोड़ा न मोड़ी,

देख फकीरा आया गया,

कौन बनाए पानी पे नक्शे,

देख फकीरा आया गया।


बनते रहेंगे किस्से कहानी,

मिटते रहेंगे राजा और रानी,

न दरिया रुका है न ही किनारा,

देख फकीरा आया गया।


किसके निशां हैं इस सरजमीं पे,

किसको तू खोजे यहां पे,

रेत के टीले रास्ता भुलाएं,

कितने जो पहुँचे कहीं पे,

देख फकीरा आया गया।



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