STORYMIRROR

Bharat Jain

Abstract Others

3  

Bharat Jain

Abstract Others

देख फकीरा आया गया।

देख फकीरा आया गया।

1 min
63

पैसा न कौड़ी मोड़ा न मोड़ी,

देख फकीरा आया गया,

कौन बनाए पानी पे नक्शे,

देख फकीरा आया गया।


बनते रहेंगे किस्से कहानी,

मिटते रहेंगे राजा और रानी,

न दरिया रुका है न ही किनारा,

देख फकीरा आया गया।


किसके निशां हैं इस सरजमीं पे,

किसको तू खोजे यहां पे,

रेत के टीले रास्ता भुलाएं,

कितने जो पहुँचे कहीं पे,

देख फकीरा आया गया।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract