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Neerja Sharma

Abstract

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Neerja Sharma

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डियर डायरी

डियर डायरी

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ग्यारह बज चुके 

कर्फ्यू का ग्यारहवाँ दिन

आज का दिन काफी व्यस्त

पर अब हो गई हूँ इसकी अभयस्त।


सुबह ज़ल्दी उठ काम निबटाए

नाश्ते में सबको सैंडविच खिलाए 

 बच्चों को ऑनलाइन काम दिए 

दोपहर के काम के साथ शाम के भी किए।


मधुशाला परिवार की ओर से 

ऑनलाइन था मशायरा

8 से 10 का समय था 

सबकाम आठ से पहले किया।


तीन दिन के मुशायरे में

मैं व चार स्टूडेंट हैं प्रतिभागी

कविता सुनने की उत्सुकता जागी

दो घंटे ऑनलाइन रहना साथी।


सातवीं की बच्ची की कविता

मन की बात ,मिली उसे बड़ी प्रशंसा

बाकियों का अभी इंतजार

कल या परसों काव्य पाठ।


9 बजे कल हैं दीपक जलाने 

सो कर ली अभी से है तैयारी

शुक्र है प्रभु दिवाली के रखे थे

 सुकून से बतियाँ बना रख लिए हैं ।


ज्योंहि डायरी लिखने बैठी

सोचा मेल चैक कर लूँ 

ऑथर ऑफ दा वीक का अवार्ड

इस बार आया मेरे नाम।


डायरी छोड़ सबको दिया धन्यवाद

सब पाठक दोस्त स्टूडेंट खास

एफ बी ,माई स्टोरी पर चढ़ाया

मन खुशी से फूला न समाया।


स्कूल न थे सो वोट के मैसेज किए

याद दिला दिला वोट लिए 

लबको पर्सनल पर किया थैंक्स

उसके बाद किया ये लेखन विशेष।


आज का दिन रहा मेरे लिए खास

अवार्ड ने भी बढ़ाया उत्साह

थके होने पर भी लिखा यहाँ

बाकी बातें के साथ कल तक विदा।


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