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Priyadarsini Das.

Tragedy

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Priyadarsini Das.

Tragedy

डिप्रेशन

डिप्रेशन

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ये तो कहना बहुत आसान होता है 

की डिप्रेशन कुछ नहीं।


बस डरपोक होते है वो

जो खुदखुशी करते हैं।


पर सबको कौन समझाए गा जनाब

ये तो दिल और दिमाग दोनों का

वो हाल है जो लब्जों में बयान ना होता।


सब पास होते तो हैं, 

फिर भी कोई पास नहीं होते

भीड़ चारो और होता ता हो, 

फिर भी तन्हाई छोड़ती नहीं।


अपनों के बीच रहते तो जरूर है, 

पर सायद कोई अपना ही नहीं।


दिल की हाल बताए तो किससे ?

यहां कोई समझने वाले ही नहीं।

आसान होता है किसी को बस कह देना

पर उससे पूछो जो अपनी दिल मैं 

ना जाने कितनी कहानी दवाके बैठी है ।


कौन कहता है डिप्रेशन कुछ नहीं

है ना बेहद कुछ है

जिसका हद कोई ना नाप सके , 

सिवाय वो

जो सह रही है


उससे पूछो जो डिप्रेशन से जूझ रही है

हर पल जीते जी बस मर रही है।


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