STORYMIRROR

Raakesh More

Action Classics Inspirational

4  

Raakesh More

Action Classics Inspirational

ढुंढ लेता हूं

ढुंढ लेता हूं

1 min
295

तुफानी लहेरोमे मै
किनारा ढुंढ लेता हू
अपने मतलब का मै
इशारा ढुंढ लेता हू || 0 ||

तन्हा दिखता हू तो क्या
अकेला ना समझना मुझे
तो क्या हुआ गर दोस्त
सपने है मेरे बुझे
गैरोमे भी अपना सा
सहारा ढुंढ लेता हू
अपने मतलब का मै
इशारा ढुंढ लेता हू || 1 ||

खामोशी को चिरती
तनहाई की आवाज हू
कोई नहीं समझ पाया
वो एक राज हू
आग लगा दे सोच की वो
शरारा ढुंढ लेता हू
अपने मतलब का मै
इशारा ढुंढ लेता हू || 2 ||

जुल्म की दिवारो मे
चुनवा दी है हसरते कई
रसमो की गलियोंमे रोज
लगती है बोली नई
आँखो को अच्छा लगे वो
नजारा ढुंढ लेता हू
अपने मतलब का मै
इशारा ढुंढ लेता हू || 3 ||


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action