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Hitesh pal

Abstract

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Hitesh pal

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दायरा

दायरा

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अपने अपने दायरे रहना सीख लो

ज़रा सा क़ायदे में रहना सीख लो


अभी तो क़ुदरत ने सिर्फ़ समझाया है

अपना असली रूप कहा दिखलाया है


मनुष्य को अपना दायरा बताया है

फिर भी उसे कुछ समझ ना आया है


क़ुदरत के दायरे का मज़ाक़ बनाया है

फिर कहता है क़ुदरत ने क़हर मचाया है।


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