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Krishna Khatri

Romance

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Krishna Khatri

Romance

चितवन

चितवन

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हो तुम मेरी आरती का दिया

फिर भी। न जान पाया जिया

है कैसी ये मोहब्बतों से भरी

तेरे-मेरे इस प्यार को दुनिया !!


समंदरों से बड़ा इश्क का दरिया

जहां पर है अपनी सारी दुनियां

प्यार भरी इक तिरछी चितवन

लूट लेती है दिलों की नगरिया !!


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