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Sujata Kale

Drama

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Sujata Kale

Drama

छू लो आसमान

छू लो आसमान

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हज़ारों ख्वाहिशें मिट जाए,

एक ख्वाहिश पूरी करने को।

हज़ारों बार मैं टूट जाऊँ,

लाल तेरी एक मुस्कान को।


सब कुछ न्योछावर कर दूँ,

चाहे मिट जाए जीवन सारा।

उठाकर फलक पर बिठा दूँ,

नाम कर दूँ आसमान सारा।


आज चाहे मायूस हो तुम,

जिंदगी नज़दीक से देखो।

एक नया जीवन खड़ा है,

तुम नया रास्ता तो देखो।


लाखों बार हार मिले जब,

जिंदगी से हँस के पुछ लो।

डगमगाएँ कितने कदम ही,

तुम सफलता हासिल कर लो।


तुम बदल दो रूख़ हवा का,

आँधी के पलकों पर झूमो।

देख तुमको घबराए मुसिबत,

अड़िग पहाड़ बनकर थमो।


छू लो आसमान यह नीला,

लो बादलों को गोद में।

नई किरण आए ज़मीं पर,

जीवन के आँचल की मोह में।


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