STORYMIRROR

Nitu Rathore Rathore

Abstract Romance Inspirational

4  

Nitu Rathore Rathore

Abstract Romance Inspirational

छोड़ देंगे हम

छोड़ देंगे हम

1 min
329

जो तुम ना बुलाओगे आना छोड़ देंगे हम

फ़साने हर दिन के बताना छोड़ देंगे हम।


यूँ गर खामोशियाँ मेरी लिपटी रही मुझसे

नदियाँ से पानी बहाना छोड़ देंगे हम।


तेरी बाहें महफूज़ जग़ह लगती रही मुझको

वक्त दे दो इल्ज़ाम लगाना छोड़ देंगे हम।


हल्की बारिशे क्यूँ दर्द की भीगा रही मुझको

इश्क़ में भीगाओ नहाना छोड़ देंगे हम।


ज़िंदा रहने के लिए मन भी तो जरूरी "नीतू" को

तेरी साँसों के बिन जीना छोड़ देंगे हम।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract