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Sonam Kewat

Abstract

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Sonam Kewat

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चेहरे

चेहरे

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एक चेहरा छुपाए बैठे हैं 

एक चेहरा दिखाए बैठे हैं 

ये इंसानों की फितरत है 

ना जाने कितने चेहरे लगाए बैठे हैं 


एक चेहरा तुमको खुश देखता है 

जो छुपा है वह चुप रहता है 

एक चेहरा चेहरे पर तारीफ करें 

पर पीछे कुछ और कहता है 


चेहरे की बात ही ना करो 

इस चेहरे पर लाखों मरते हैं 

प्यार दिलों का मेल है सुना है 

पर लोग चेहरे से प्यार करते हैं 


चेहरे के सुंदरता सब जाने पर 

सुंदरता का ना कोई ठिकाना है 

सुंदरता जिस चेहरे में मिल जाए

वो ही देता लोगों को ताना है 


चेहरा अगर मतलबी है तो

बन जाता है लोगों का जानेमन

एक चेहरा दोस्ती करें तो

एक चेहरा बन जाता है दुश्मन 


चेहरा चेहरे की बात क्यों करें

कभी भाव अंदर के देखा करो 

चेहरा तो सिर्फ रंग बदलता है 

तुम इंसानियत का रंग रखा करो.


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