Anjni Ayachi
Fantasy Others
चलो न फिर से वही पहले वाला इतवार मनाते है,
तुम्हारे हाथों की चाय और फिर से मोहब्बत दोहराते है.!!
" चाय "
"लम्हे "
सबक
घूँघट
मुखौटा
खैरियत
गुरूर
समझदार है तू
माँ
मोह माया
'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे नया सा सुन लेता।' ए... 'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे...
कभी कोई शिकायत मत करना दोस्तों। आखिर एहसास भी तो होते हैं धीरे धीरे कभी कोई शिकायत मत करना दोस्तों। आखिर एहसास भी तो होते हैं धीरे धीरे
जब मछली सी जनता इनके जाल में खुद आकर फंस जाती है जब मछली सी जनता इनके जाल में खुद आकर फंस जाती है
अपने क़दमों को उठाये, मैं दर- दर घूमती-फिरती हूँ अपने क़दमों को उठाये, मैं दर- दर घूमती-फिरती हूँ
शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये, तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये,
थोड़ा सा काम और अधिक कीजिए, सफलता की चाबी तू अपने हाथ लीजिए थोड़ा सा काम और अधिक कीजिए, सफलता की चाबी तू अपने हाथ लीजिए
सब कहते हैं समय खराब हो तो सीख देता है, समय अच्छा हो तो आनन्द देता है सब कहते हैं समय खराब हो तो सीख देता है, समय अच्छा हो तो आनन्द देता है
सर्दियों में ये जम जाता है, गर्मी में ये बड़ा तपता है.. सर्दियों में ये जम जाता है, गर्मी में ये बड़ा तपता है..
वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत
जिस समंदर में समाने के लिए भागी जा रही हूँ वह खारा है जिस समंदर में समाने के लिए भागी जा रही हूँ वह खारा है
और हमारे प्यार से रिश्ता अब सपनों की दुनिया मे निभाया करो और हमारे प्यार से रिश्ता अब सपनों की दुनिया मे निभाया करो
मुसलसल खुशियों के लिये हल खोजा गया मुसलसल खुशियों के लिये हल खोजा गया
बाते करते करते तेरा रो देना वह भावात्मक भाव तुम्हारा हो बाते करते करते तेरा रो देना वह भावात्मक भाव तुम्हारा हो
यह बहती नदी भी मैं आज से तुम औरतों के हवाले कर रहा हूँ यह बहती नदी भी मैं आज से तुम औरतों के हवाले कर रहा हूँ
इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है। इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है।
वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी , वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी ...
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।