Anjni Ayachi
Fantasy Others
चलो न फिर से वही पहले वाला इतवार मनाते है,
तुम्हारे हाथों की चाय और फिर से मोहब्बत दोहराते है.!!
" चाय "
"लम्हे "
सबक
घूँघट
मुखौटा
खैरियत
गुरूर
समझदार है तू
माँ
मोह माया
बिना मंज़िल के रास्ते भी आसान नही होते रास्ते बहुत थे आगे, जुदा होंगे, यक़ीन था। बिना मंज़िल के रास्ते भी आसान नही होते रास्ते बहुत थे आगे, जुदा होंगे, यक़ीन थ...
अब तो तेरा इंतजार मेरा कोई आशना पुराना सा लगता है। अब तो तेरा इंतजार मेरा कोई आशना पुराना सा लगता है।
खेती से बढकर कुछ भी नहीं, है सबसे बडा उपहार तेरा खेती से बढकर कुछ भी नहीं, है सबसे बडा उपहार तेरा
साथ हो तुम, मेरा आज हो तुम आने वाले हर कल का, साज़ हो तुम। साथ हो तुम, मेरा आज हो तुम आने वाले हर कल का, साज़ हो तुम।
इन बातों पे मुझे इक़रार है हाँ खुद से मुझे प्यार है। इन बातों पे मुझे इक़रार है हाँ खुद से मुझे प्यार है।
प्यार नहीं जब कहते हो और भी प्यारे लगते हो। प्यार नहीं जब कहते हो और भी प्यारे लगते हो।
इश्क़ को भी इश्क़ से इश्क़ हो जाने दो, इश्क़ की इन्तिहा हो जाने दो। इश्क़ को भी इश्क़ से इश्क़ हो जाने दो, इश्क़ की इन्तिहा हो जाने दो।
कृपा दृष्टि माँ हम दुष्टों परभी थोड़ी अपनी कर दो न। कृपा दृष्टि माँ हम दुष्टों परभी थोड़ी अपनी कर दो न।
यूं ही बढ़ते-बढ़ते, सफर एक रोज, हो जायेगा पूरा है ऐतबार। यूं ही बढ़ते-बढ़ते, सफर एक रोज, हो जायेगा पूरा है ऐतबार।
तू मेरे ख़्यालो में बाहों में सांसों में हर रोज़ सुला तुम्हें मैं लाती हूं ख़्वाबों मे तू मेरे ख़्यालो में बाहों में सांसों में हर रोज़ सुला तुम्हें मैं लाती हूं ख़...
बस एक बार सीने से, अपने लगा कर दिखते हैं हम……………………… बस एक बार सीने से, अपने लगा कर दिखते हैं हम………………………
सबके बारे में यूं तो सोचा पर बैठ कर आइने के सामने तो, कभी सोचा ही नहीं। सबके बारे में यूं तो सोचा पर बैठ कर आइने के सामने तो, कभी सोचा ही नहीं।
जलती कली पीया से मिलन लागे, जलती कली पीया से मिलन लागे ! जलती कली पीया से मिलन लागे, जलती कली पीया से मिलन लागे !
निर्जीव सी हो गयी है जो ज़िंदगी, अपनी बरकत से सब में जान भर दे।। निर्जीव सी हो गयी है जो ज़िंदगी, अपनी बरकत से सब में जान भर दे।।
ओ माही रे साँझ जब ढले सूरज हम संग पिघले देखने चंदा निकले गगन तले ओ माही रे।ले ओ माही रे साँझ जब ढले सूरज हम संग पिघले देखने चंदा निकले गगन तले ...
भुले सब दो पल का चैन। कमाई की दौड़ में है सब बैचैन। भुले सब दो पल का चैन। कमाई की दौड़ में है सब बैचैन।
चलो, अश्कों को घटाकर, मुस्कुराहटें जोड़ आते हैं, खेल वो बचपन का फिर से दोहराते हैं।" चलो, अश्कों को घटाकर, मुस्कुराहटें जोड़ आते हैं, खेल वो बचपन का फिर से दोहरात...
मुझपे नाज़िल है एक ख़ामोशी, एक आवाज़ से ख़फ़ा था मैं। मुझपे नाज़िल है एक ख़ामोशी, एक आवाज़ से ख़फ़ा था मैं।
तुम्हारी सोच अलग, मेरे जज़्बात अलग हैं ! तुम्हारी सोच अलग, मेरे जज़्बात अलग हैं !
यह प्यारा सा वहम न हो तो जिंदगी कितनी बेमानी हो जाएं। यह प्यारा सा वहम न हो तो जिंदगी कितनी बेमानी हो जाएं।