Anjni Ayachi
Fantasy Others
चलो न फिर से वही पहले वाला इतवार मनाते है,
तुम्हारे हाथों की चाय और फिर से मोहब्बत दोहराते है.!!
" चाय "
"लम्हे "
सबक
घूँघट
मुखौटा
खैरियत
गुरूर
समझदार है तू
माँ
मोह माया
कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए। कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए।
तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है
दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाहे पूछ लो दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाह...
मुझे एक दिन और मिला इस संसार का हिस्सा बनने के लिए। मुझे एक दिन और मिला इस संसार का हिस्सा बनने के लिए।
मैं अपनी हकीकत से खुद को नकार कर खुद की हकीकत खोजने में गुम हो चुका मैं अपनी हकीकत से खुद को नकार कर खुद की हकीकत खोजने में गुम हो चुका
हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे। हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे।
एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी' एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी'
राग छेड़ा मुख पर पिया, मैं प्रेम रथ का ताज बनूँ । राग छेड़ा मुख पर पिया, मैं प्रेम रथ का ताज बनूँ ।
मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यारी है तो मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यार...
मुझ में अच्छे गुण भी हैं और बुरे गुण भी हैं मुझ में अच्छे गुण भी हैं और बुरे गुण भी हैं
जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखटाने को। किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखट...
मुझे दगाबाज समझ कभी मुंह फेर मत लेना क्या तुम कर सकते हो मुझसे प्यार उतना? मुझे दगाबाज समझ कभी मुंह फेर मत लेना क्या तुम कर सकते हो मुझसे प्यार...
दिन भर नियति से लड़, जब मैं थक जाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख, थोड़ा सुख चैन पाता हूँ। दिन भर नियति से लड़, जब मैं थक जाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख, थोड़ा सुख चैन प...
सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे। सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे।
मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा। मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा।
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।
क्यों खामोश बैठे हो वार करोगे क्या ? मेरे भरोसे को तार-तार करोगे क्या? क्यों खामोश बैठे हो वार करोगे क्या ? मेरे भरोसे को तार-तार करोगे क्या?