Sukant Suman
Romance
चाँद भी बेताब है,
आफ़ताब से मिलने को
और इक वो है
कम्बखत जो कभी,
मिलती नहीं मुझ
जैसे महताब से ।।
कशमकश की बस्त...
सफल जीवन का र...
माँ : एक अप्र...
आओ मिल कर वृक...
कोई ख़ंजर सा ...
बड़ी ज़ालिम ह...
सिपाही का घर
दुर्दशा
किसने यह चोट ...
कारवां गुजर ग...
जब मौत अपनी गोद में रख लेगी मेरा सिर तुम मेरे पैरों के पास बैठ जाना। जब मौत अपनी गोद में रख लेगी मेरा सिर तुम मेरे पैरों के पास बैठ जाना।
इश्क़ में तेरे हद से गुज़र जाऊँगी या या बिखर जाऊँगी या संवर जाऊँगी...! इश्क़ में तेरे हद से गुज़र जाऊँगी या या बिखर जाऊँगी या संवर जाऊँगी...!
एक तुम्हारा दिल और एक परछाई, जो मेरे दिल की थी। एक तुम्हारा दिल और एक परछाई, जो मेरे दिल की थी।
माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना, माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना,
कोमल बांहें फैला जैसे आलिंगन जादू जगाया मन चितवन से व्याकुलता आलस को भगाया कोमल बांहें फैला जैसे आलिंगन जादू जगाया मन चितवन से व्याकुलता आलस को भगाया
दूरी कब महसूस हुई है , पल पल साथ निभाया ! दूरी कब महसूस हुई है , पल पल साथ निभाया !
हे राधे ! क्या मुझे छोड़ने तुम नही आओगी तुम अपने कान्हा को विदाई दे पाओगी हे राधे ! क्या मुझे छोड़ने तुम नही आओगी तुम अपने कान्हा को विदाई दे पाओगी
तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी। तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी।
तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे पारिजात। तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे प...
रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को। रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को।
जबसे साथ तुम्हारा पाया, मन- वीणा के तार बजे। जबसे साथ तुम्हारा पाया, मन- वीणा के तार बजे।
आम्र कुंज सब गए बौर से, और न देन लगाओ , फागुन का महीना है आया, प्रियतम घर आ जाओ। आम्र कुंज सब गए बौर से, और न देन लगाओ , फागुन का महीना है आया, प्रियतम घर आ ज...
इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ! इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ...
पहली मुलाकात और उसकी खुशियां, याद करें-आप भी तो साझेदार थे। पहली मुलाकात और उसकी खुशियां, याद करें-आप भी तो साझेदार थे।
पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का गुणगान करनेवाली यह क... पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का ...
पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है हमारा। पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है...
इश्क़ की बात मत करो मुझसे मैं टूट चुकी हूँ इस मोहब्बत के किरदार में इश्क़ की बात मत करो मुझसे मैं टूट चुकी हूँ इस मोहब्बत के किरदार में
जब कभी धीमी हवा मुझे छू कर बहती है, तब पता नहीं क्यों मेरे दिल में कहीं बेचैनी सी हो जब कभी धीमी हवा मुझे छू कर बहती है, तब पता नहीं क्यों मेरे दिल में कहीं...
इन दिनों अकुलाया बौराया सा है मन , प्रिय के आलिंगन को तत्पर है बदन ! इन दिनों अकुलाया बौराया सा है मन , प्रिय के आलिंगन को तत्पर है बदन !
खिलौने तो ख़रीद लूँगा पर खिलौनों से भी कहीं जी बहलता है खिलौने तो ख़रीद लूँगा पर खिलौनों से भी कहीं जी बहलता है