Sukant Suman
Abstract Tragedy Classics
दरवाजे के उस पार
खड़ा डाकिया न जाने
कब कौन-सा शुभ-अशुभ
समाचार ले आए।
बस इसी उधेड़बुन में
बीतता है उस माँ, बहन,पत्नी
का जीवन।।
जिसका आखों का तारा
खाती है गोलियां फिर भी
हँसते हुए करते हैं
गुणगान जय हिंद का।
कशमकश की बस्त...
सफल जीवन का र...
माँ : एक अप्र...
आओ मिल कर वृक...
कोई ख़ंजर सा ...
बड़ी ज़ालिम ह...
सिपाही का घर
दुर्दशा
किसने यह चोट ...
कारवां गुजर ग...
हर इक रिश्तों से बढ़कर दोस्ती की डोर मज़बूत होती है! हर इक रिश्तों से बढ़कर दोस्ती की डोर मज़बूत होती है!
हे चक्र सुदर्शन धारी क्या तेरा दिव्य सुदर्शन जीर्ण हुआ हे चक्र सुदर्शन धारी क्या तेरा दिव्य सुदर्शन जीर्ण हुआ
उस हंसी के जैसा देखा चांद है! वो फ़लक पे आज निकला चाँद है! उस हंसी के जैसा देखा चांद है! वो फ़लक पे आज निकला चाँद है!
हम आसानी से बदल पाएंगे हमें सौंपे गए हालात बस करनी है तो सिर्फ और सिर्फ #सीधीबात।। हम आसानी से बदल पाएंगे हमें सौंपे गए हालात बस करनी है तो सिर्फ और सिर्फ #सीधी...
बेफिक्र होकर चली हूं अब नई डगर पर, खुश होकर अकेले ही चली हूं मैं अपने नए सफ़र पर! बेफिक्र होकर चली हूं अब नई डगर पर, खुश होकर अकेले ही चली हूं मैं अपने नए सफ़र ...
हां....कुछ ख्वाब हकीकत से कहीं ज़्यादा खूबसूरत होते हैं! हां....कुछ ख्वाब हकीकत से कहीं ज़्यादा खूबसूरत होते हैं!
आज आजाद तो हो गए हैं हम, लेकिन मानसिकता पुरानी है ! आज आजाद तो हो गए हैं हम, लेकिन मानसिकता पुरानी है !
एक एसा शख्स भेज दे, ऐ खुदा! जो मुुुझेे कभी खोने से डरता हो! एक एसा शख्स भेज दे, ऐ खुदा! जो मुुुझेे कभी खोने से डरता हो!
एक ऐसा घर बनाया जाए जिसमें हो खुशियों का सवेरा वो हो हमारा ना तेरा ना मेरा! एक ऐसा घर बनाया जाए जिसमें हो खुशियों का सवेरा वो हो हमारा ना तेरा ना मेरा...
हर सुबह ये खुलती आँखें निरंतर करती कुछ काम सूर्य देव को अर्पित करती जल छलकाती लिए हर सुबह ये खुलती आँखें निरंतर करती कुछ काम सूर्य देव को अर्पित करती ज...
मेरे घर से एक सड़क दौड़ते हुए पहुँच गई चौराहे पर! मेरे घर से एक सड़क दौड़ते हुए पहुँच गई चौराहे पर!
कहते हैं लोग तुम्हारे प्रति कृतज्ञता का भाव ही सबसे बड़ी पूजा है, कहते हैं लोग तुम्हारे प्रति कृतज्ञता का भाव ही सबसे बड़ी पूजा है,
हर रोज़ न हो पाए लेकिन महीने में एक ही बार सही खामोश बन जाती हूं बिना ही कुछ कहे ! हर रोज़ न हो पाए लेकिन महीने में एक ही बार सही खामोश बन जाती हूं बिना ही कुछ क...
हरी मखमली कालीन, चमके मोती ओस। पहली सुनहरी धूप, फैले कोसों कोस।। हरी मखमली कालीन, चमके मोती ओस। पहली सुनहरी धूप, फैले कोसों कोस।।
याद आया कैसे उस बेदर्दी ने मेरी चाहत को इनकार किया ! याद आया कैसे उस बेदर्दी ने मेरी चाहत को इनकार किया !
आंखे बंद कर घूम आता हूँ दूर दूर तक तुम्हारा पूरा देश। आंखे बंद कर घूम आता हूँ दूर दूर तक तुम्हारा पूरा देश।
'सिंधवाल' को खबर नहीं दिमाग में लोभ मल ढोते। 'सिंधवाल' को खबर नहीं दिमाग में लोभ मल ढोते।
मैं जल हूँ, मैं जीवन हूँ, मैं ही हर जीवों के कण - कण में हूँ। मैं जल हूँ, मैं जीवन हूँ, मैं ही हर जीवों के कण - कण में हूँ।
क्योंकि हर कोई यहाँ जौहरी थोड़ी ही बैठा है। क्योंकि हर कोई यहाँ जौहरी थोड़ी ही बैठा है।
फूल से अच्छे कांटे है,दामन थाम लेते हैं सबसे अच्छे मित्र खुद है, खुद थाम लेते हैं। फूल से अच्छे कांटे है,दामन थाम लेते हैं सबसे अच्छे मित्र खुद है, खुद थाम लेते...