STORYMIRROR

Forum Shah

Drama

2  

Forum Shah

Drama

बुज़ुर्ग शायरी

बुज़ुर्ग शायरी

1 min
14.2K


किसी घर मे बुज़ुर्ग,

की इज़्ज़त है,

तो किसी घर मे सिर्फ,

देनेवाले दाता 'भगवान' की।


भगवान के पीछे,

दौड़ते हो,

घर मे बैठे भगवान को,

अनदेखा करते हो।


भगवान बोलते नहीं,

इसलिए अच्छे लगते हैं,

बाकी बुज़ुर्ग का बोलना तो,

कानो में खटकता है।


घर में भगवान,

का कमरा है,

पर बुज़ुर्ग को रखने,

तक की जगह नहीं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama