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Tejas Toor

Drama

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Tejas Toor

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बूरा न मानो होली है!

बूरा न मानो होली है!

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ज़िन्दगी की इस भागदौड़ में

तरो ताज़ा होना ज़रूरी है I

करते है यही काम इस पर्व

तो बुरा न मानो होली है II


खतम हुई है सर्दियां 

गरमी की शुरुआत है।

भीगकर भिगाकर कहते है मौसम से 

कि इसके लिये हम तैयार हैं

तो बुरा न मानो होली है II


होली के बारे में पौराणिक वर्णन बहुत हैं

पर सही मानो में होली का महत्व और है।

देकर गाली, फेंककर रंग

भूले बिसरे दोस्त यार आते हैं संग I

भिन्न रंगो की आड़ में मिटती है भिन्नता और

कई पंछी कर लेते प्यार का इज़हार और हो जाते है मग्न I

इस तनाव भरे जीवन में त्यौहार होते विटामिन की गोली है

तो बुरा न मानो होली है II 


इन त्योहारों का उद्देश्य तो बहुत अच्छा है

पर क्या इसमें हमारा मन सच्चा है I 

बजाय लोगों के रिश्ते मजबूत होने के 

अपराधियों के लिये बन गया ये मौका अच्छा है I 

जहां देखो वहाँ अपराधियों की टोली है

तो बुरा न मानो होली है II 


चोरी, बलात्कार, खून, खराबा

समाज पर यह काला साया है I 

पश्चिमी संस्कृति के गलत अर्थ से 

हमारी पीढ़ी यह क्या दिन ले आयी है I 

अब तो हिम्मत नहीं बनती यह कहने की 

कि बुरा न मानो होली है II


आओ हम मिलकर यह प्रण लें

कि बुझने न देंगे जो हजारों साल पुरानी संस्कृति है I 

मन बदलेंगे, समझायेंगे इस पीढ़ी को 

क्या सही क्या गलत है I 

फिर से आएगा वह दिन जब कह सकेंगे हम सब

कि बुरा न मानो होली है II


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