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ashok kumar bhatnagar

Inspirational

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ashok kumar bhatnagar

Inspirational

"बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती "

"बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती "

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बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती,

घृणा को तो केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है।

जैसे जलते हुए दीपक से हजारों दीपक रोशन किए जा सकते हैं,

उसी तरह खुशियों को बांटने से हमेशा वृद्धि होती है, कभी कम नहीं होती।


प्रेम से जुड़े हृदय एक बहुत ही अद्वितीय गहना,

जहां शांति की ध्वनि गूंजे, विश्वास की हो अभिलाषा।

हिंसा को दूर भगाए, आतंक को हराए,

हर देश में फैले खुशहाली की विभाषा।


प्रेम की मिठास से जीवन सजाएं,

आपस में प्यार और समझदारी बढ़ाएं।

दूसरों की दुःख-दर्द को महसूस करें,

उन्हें सम्मान और प्यार से गले लगाएं।


प्रेम का ज्योति सदा जलाएं,

दुनिया को उससे रोशनी दिखाएं।

हर किसी को स्नेह और आदर दें,

एक दूसरे के दुख को भी समझें।


शांति के साथ साथ अहिंसा बनाएं,

हर जीव की इच्छा को समझे।

भ्रम, क्रोध और नफरत को भगाएं,

प्रेम के माध्यम से जीवन सजाएं।


बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती,

घृणा को तो केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है।

जैसे एक जलते हुए दीये से हजारों दीपक रोशन किए जा सकते हैं,

फिर भी उस दीये की रोशनी कम नहीं होती।


खुशियां बांटने से हमेशा बढ़ती है,

कभी कम नहीं होती।

मैं चाहता हूँ कि सब लोग प्रेम से रहें,

शांति और अहिंसा का पालन करें।


प्रेम का दीप जलाओ, घृणा को भगाओ,

सबको अपनी बाहों में ले आओ।

हस्ती-मस्ती और प्यार की चादर ओढ़ो,

विरोधीता को धीरे-धीरे मिटा दो।


आओ चलें एक दूसरे के संग,

सबसे प्यारे बनें एक अनुभव।

छोड़ दें विरोध और जंग को ,

प्रेम की दुनिया में बस जाएं विश्वास।


अहिंसा की ओर बढ़े, शांति की बारीश होवे,

दूर हो जंगों का घमंड, सुलझे विवादों का सारा।

बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती,

घृणा को तो केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है।


जिस तरह एक जलते हुए दीये से हजारों दीपक रोशन किए जा सकते हैं,

 फिर भी उस दीये की रोशनी कम नहीं होती।

उसी तरह खुशियां बांटने से हमेशा बढ़ती हैं,कभी कम नहीं होती।

मैं चाहता हूँ कि सब लोग प्रेम से रहें,शांति और अहिंसा का पालन करें।


हम एकता के पुष्प बोने को उत्सुक हैं,

हो जाए दुनिया में खुशहाली की लहर।

अहिंसा की मधुरता से सबको मोहित करो,

प्रेम का संगीत गाते जाओ सदा।


चिर सुखी भवन सबका, खुशहाली सबकी,

जग में छाये अमन की छाया।

प्रेम की सील बांधकर चले हम सब,

सृष्टि को दें एक नया रंग जगाया।

बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती,

घृणा को तो केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है।

जिस तरह एक जलते हुए दीये से हजारों दीपक रोशन किए जा सकते हैं,

फिर भी उस दीये की रोशनी कम नहीं होती।


उसी तरह खुशियां बांटने से हमेशा बढ़ती हैं, कभी कम नहीं होती।

मैं चाहता हूँ कि सब लोग प्रेम से रहें,

शांति और अहिंसा का पालन करें।


प्रेम के बाग में खिलते हैं सब फूल,

बांटते हैं खुशियों की मिठास हम सबको।

क्रोध के अँधेरे से उठता हैं प्रेम का प्रकाश,

ह्रदय में शान्ति का जगाता नागरिकों को।


आपसी मेल-जोल का बांधना हैं सबको,

सहानुभूति की परम्परा को बढ़ाना हैं सबको।

बुराई को हराने का रास्ता हैं प्रेम का,

एकता के साथ जीना हैं सबको।


प्रेम से जो जीते हैं, वे हमेशा प्रभावित करते हैं,

शांति और अहिंसा के पुजारी बन जाते हैं।

इस कबीले बनें, प्यार की महानता का गान गाते हैं,

प्रेम से सजी हुई दुनिया में हम सब बसाते हैं।

बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती,

घृणा को तो केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है।

जिस तरह एक जलते हुए दीये से हजारों दीपक रोशन किए जा सकते हैं,

फिर भी उस दीये की रोशनी कम नहीं होती।


उसी तरह खुशियां बांटने से हमेशा बढ़ती हैं,

कभी कम नहीं होती।

मैं चाहता हूँ की सब लोग प्रेम से रहें,

शांति और अहिंसा का पालन करें।


अंधकार को दूर भगाएं, प्रकाश को प्रस्तुत करें,

प्रेम की अग्नि से दुनिया को जलाएं।

दूसरों की दुःख और दर्द को समझें,

स्नेह और सम्मान के फूल बिखेरें।


प्रेम के स्नेही, प्रेम के भक्त,

दूसरों की सेवा में नित्य रत।

अहिंसा के पंखों पर उड़े,

खुशहाली के संग सबको जुड़े।


बुराई से लड़े, प्रेम से जीतें,

हर दिल में प्यार की प्रकीर्ण बहाएं।

सबको गले लगा कर खुशी बांटें,

प्रेम की गाथा गाकर सबको मोहित करें।


प्रेम की वृद्धि सदैव होती जाए,

सबको एक-दूसरे का साथ मिले यही दुआएं।

शांति और अहिंसा का पालन करें,

प्रेम के बंधन में सबको बांधें।


बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती,

घृणा को प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है।

जैसे जलते हुए दीये से हजारों दीपक रोशन हो सकते हैं,

वैसे ही प्रेम से खुशियां बांटने से बढ़ती हैं, कम नहीं होती।


प्रेम की रोशनी जगमगाए, दुनिया रौशनी से जगमगाए,

हर दिल में प्यार की दीपता जगाए, सब मिलकर खुशहाली को पाए।

बैर और क्रोध को भूल जाए, दूसरों की सम्मान करते जाए,

एक दूसरे के साथ विश्राम करें, शांति और अहिंसा का पालन करें।


प्रेम से जुड़ी यह बातें हमेशा याद रहें,

कठिनाइयों को हर मुश्किल को आसान बनाएं।

सबको दिल से प्यार करें, अनुशासन में रहें,

सौहार्द से जीवन का आनंद उठाएं, सदा खुश रहें।


उसी तरह खुशियां बांटने से हमेशा बढ़ती हैं,

कभी कम नहीं होती।

मैं चाहता हूँ की सब लोग प्रेम से रहें,

शांति और अहिंसा का पालन करें।



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