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मानव सिंह राणा 'सुओम'

Abstract

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मानव सिंह राणा 'सुओम'

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बुलडोजर

बुलडोजर

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चरम पर अपने आता जा रहा है बुलडोजर

दिल के अंदर चोरों को डरा रहा है बुलडोजर


हर पत्थर का एक ही इलाज है बाबा के पास

यूपी की शान अब बनता जा रहा है बुलडोजर


कल तक आतंक का नाम थे कुछ उपद्रवी लोग

अब दंगाई को आतंक दिखा रहा है बुलडोजर


तू कर के दिखइयो तो सही गलतियाँ ए हुजूर

वक्त से पहले घर पर नजर आ रहा है बुलडोजर


 पत्थर चला रहे हो क्या काबा का शैतान समझ

उनको राक्षस समझ कर डरा रहा है बुलडोजर


अब तक दंगे करके जो रुख अपना रहे हैं गन्दा

उनके चेहरों से नकाब हटाता रहा है बुलडोजर।


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