बसंत चुपके से आना
बसंत चुपके से आना
अबके बसंत चुपके से आना,
मैं ना सुनूंगी कोई बहाना !
सर्दी का जाना गर्मी का आना ,
इसी बीच तुम आकर चले जाना!
दिल में ख़ुशी वो उमंग भर देना,
किसी को सिसकने मत देना।
प्रीत रीत की बात सदा हो,
सबके ओसारे पर अपनी उपस्थिति देना।

