STORYMIRROR

HARSH GUPTA

Drama

3  

HARSH GUPTA

Drama

बस तुम

बस तुम

1 min
329

बड़ी तकल्लुफ भरी है ये ज़िन्दगी 

क्या चाहती है,और क्या मांगती है 


जो चाहती है वो मिलता नहीं,

और जो मिलता है वो पसंद नहीं,


जो पसंद है वो इतना दूर है, 

की चाह के भी पास नहीं आ सकता 


जिसे भी पाया मैंने, उसे खो दिया 

तो बस, अब गम में भी कैसा गम है। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama