बस तुम
बस तुम
बड़ी तकल्लुफ भरी है ये ज़िन्दगी
क्या चाहती है,और क्या मांगती है
जो चाहती है वो मिलता नहीं,
और जो मिलता है वो पसंद नहीं,
जो पसंद है वो इतना दूर है,
की चाह के भी पास नहीं आ सकता
जिसे भी पाया मैंने, उसे खो दिया
तो बस, अब गम में भी कैसा गम है।
