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HARSH GUPTA

Romance

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HARSH GUPTA

Romance

कि कितना अच्छा होता....

कि कितना अच्छा होता....

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कितना अच्छा होता

तुम भी अगर ,मेरी तरह

मुझसे प्यार करती,

बस पल दो पल की बातों में

लम्हों की हज़ार बातें होतीं, 

मेरी खामोशियों को तुम

मेरी बातों से बेहतर समझ पाती, 

कितना अच्छा होता ..............

तुम भी अगर मेरी तरह मुझसे प्यार करती। 


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