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Sambardhana Dikshit

Tragedy Inspirational Thriller

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Sambardhana Dikshit

Tragedy Inspirational Thriller

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है

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खुद से बिछड़ने की प्यास बहुत है 

सुकून की नींद से मिलने की आस है।

गले लगाकर उसके आबरू को मिल जाना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है।


उससे मिलके हर बात का हिसाब करना है

हर उस शख्स का नकाब बेनकाब करना है

दिखावे की दुनिया को ज़रा और करीब से देखना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है।


काश समझाना आसान होता समझने से 

काश हकीकत का मालूम होता उसमें डूबने के पहले से

इंतज़ार का इंतज़ार भी आखिर किस हद तक करना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है।


कुछ से मिल बिछड़ने का गम है 

कुछ से मिलने का अफसोस भी है

जो ना मिल सके कभी उस मुलाक़ात से मुलाक़ात करनी है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है ।


ज़िंदगी और कुछ नहीं बस यादों का पिटारा है

उन्हीं यादों के बिना ये बंदगी भी तो खटारा है

एक उस लम्हे को फिर एक बार जीना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है।



ज़िमेदारी का बस्ता बड़ा भरी सा लगता है

किया गया हर वो काम अपनों के लिए अब बेगाना लगता है

ना इंसानियत बाकी है इस दुनिया में अब सब एक फ़साना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है।



ना उम्मीद जीने की ना मोह अब इस सीने में बाकी है 

बस टूट जाए हर ज़ंजीर और दिन ही कितने बाकी हैं

हिम्मत से अब तो हर दर्द यूं सह जाना है 

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है।



ये शाम फिर सजेगी वो जाम फिर रोशन होने वाली है

किसी के आने से या जाने से किसकी ज़िन्दगी भला रुकने वाली है

मुरझा के हर बगिया से मुझे कबर में खिलना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है । 


हर जंग जीतके हारे हैं फिर एक और जंग हारना है

सही का रास्ता कितना मुश्किल है ये सबक समझाना है

फिसलन बहुत है हर चढ़ाव पे ये फिसलन पार करना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है


जो बता ना सके कभी काश वो समझना अब आसान हो

जो कर ना सके बयां काश वो अब बताना मुश्किल ना हो

हर दरिया हर समंदर जीवन का पार करना है

बस मुझे एक बार मौत से मिलना है।


फ़िक्र का पता नहीं शायद ज़िक्र भी किसी को ना करना है 

सांसों की खबर है तो लोगों को फ़िक्र का ढोंग रचना है

बहुत हुआ थक गई ज़िन्दगी अब सबसे दूर जाना है 

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है।


हुई हो कोई गलती तो दिल से माफ़ करना 

इबादत ना सही दुआ में याद रखना 

ज़मीन का सितारा तो ना हुए पर आसमां का तारा बनना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है। 


छोड़ जाऊं निशान अपने ऐसे कदम बढ़ाना है

जुड़ के भी भिछड़ जाऊं हर शक्श से दूर जाना है

नहीं रखा कुछ यहां अब सब एक दिखावा, ये मैंने जाना है

बस एक बार मुझे मौत से मिलना है।


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