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Lakshman Jha

Abstract

1.1  

Lakshman Jha

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"बंधुआ मजदूर "

"बंधुआ मजदूर "

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हम गुणगान करते हैं

अपने धर्मो का

संस्कृतिओं की

अपने भारत देश का !

हम ८४ कोस

परिक्रमा की

घोषणा करते हैं ,

बड़ी बड़ी बातें करते है

संकल्प यात्रा का अभियान रचते हैं

राम सेतु बनाना

चाहते हैं

कभी यह सोच कर हमने नहीं देखा

अभी भी भारत में

१ कड़ोर ४० लाखगुलाम ,

बाल मजदूर और बंधुआ बसते हैं

क्या कभी सोचा किसीने ?

कुंम्भ में स्नान करके

पाप धुलता

कुंम्भ के बिछड़े हुएसे कौन मिलता ?



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