STORYMIRROR

आनंद कुमार

Abstract Inspirational

3  

आनंद कुमार

Abstract Inspirational

बन

बन

1 min
299

लक्ष्य है तो, अधीर बन।

जिंदगी है तो, धीर बन।


प्यास है तो, नीर बन।

आग है तो, आदित्य बन।


मित्र है तो, जोर बन।

अन्याय है तो, शोर बन।


शत्रु है तो, तीर बन।

विपत्ति है तो शमशीर बन।


रण है तो, रणवीर बन।

शुरु हुआ है, तो आखिर बन।


व्योम है तो, चील बन।

बाधाएँ है तो, नील बन।


उथल-पुथल है तो, शील बन।

गहरा समुंदर है तो, मीन बन।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract