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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Abstract Inspirational

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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Abstract Inspirational

बलिदान उनका सच्चा है

बलिदान उनका सच्चा है

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बलिदान उनका सच्चा है,

जहां आजाद हर बच्चा है,

आशाओं के भू मण्डल पर,

जहां भारत में इंकलाब जिंदा है।

टूटा न उनका स्वर्णिम सपना है,

जहां हर ग्राम आकृतिमय अपना है।

संकल्प उनका अच्छा है,

जहां राम रहीम सच्चा है।

स्वतंत्रता से चहूँ ओर जहां हर्षाये चंदा है,

दुर्गम पथ सुगम बनाये सूरज वहां चलता है।

मातृभूमि को जहां हर शय बल बल कुर्बान है,

वहां वीरों की टोली में राणा शिवा वीर चौहान हैं।



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