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kanksha sharma

Comedy Thriller

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kanksha sharma

Comedy Thriller

भूली बिसरी यादें

भूली बिसरी यादें

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याद है वो दिन जिसकी,

रात एक ऐसी आई,

छाई काली घनघोर घटा,

रात जिसे देख शरमाई,

शायद आने वाला था,

कोई भयंकर तूफान,

क्योंकि रूक गई थी हवाऐं,

थम गया था आसमान,

सांसें रोक सोच रहे थे,

सब इसका परिणाम,

आखिरकार समय वो आया जिसका,

लोगों को था इंतज़ार,

क्या सचमुच वो दिन था कोई भयानक तूफान का?

नहीं यार वो अंतिम दिन था टी-20 वर्ल्ड कप का।


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