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Ashish Agrawal

Comedy

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Ashish Agrawal

Comedy

मच्छर चालीसा

मच्छर चालीसा

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जय मच्छर बलवान उजागर,

जय अगणित रोगों के सागर।


मलेरिया के तुम हो दाता,

खटमल के हो छोटे भ्राता।


डेंगू के आए कई केस,

जिनसे डरता मेरा देश।


जब-जब होय प्रकोप तुम्हारा,

तो प्रभावित होय जग सारा।


जब भी होता खाँसी-जुकाम,

बच जाते लगाकर विक्स और बाम।


लेकिन जब हो जाये डेंगू-मलेरिया,

तो क्या कर लेंगे डॉक्टर भैया।


मच्छर ने हमको काटा, तो उसका जुनून था।

हमने उधर खुजलाया, तो हमारा सुकून था।


चाह कर भी मार न सके, क्योंकि,

उसमें अपना भी एक खून था।


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