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Krishna Sinha

Abstract

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Krishna Sinha

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बहुत छोटी हूँ

बहुत छोटी हूँ

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बहुत छोटी हूँ

धूल हूँ मैं

जो रखोगे कदम मुझ पर

तो तुम्हारी ही चरण धूल हूँ मैं

बहुत छोटी हूँ धूल हूँ मैं


जो रख कदम मुझ पर

बढ़ जाओगे राह पर तुम आगे

तो तुम्हारी ही राह मे उड़ूँगी मैं

बन धूल का गुबार


सबको तुम्हारी राह दिखाउंगी मैं

बहुत छोटी हूँ धूल हूँ मैं

गर साथ ना दिया हवाओ ने भी मेरा

तो इस कदर जमीं मे जा धसूंगी मैं


बन कर तुम्हारे पद चिन्ह

सबको तुम्हारी ही राह दिखाऊँगी मैं

बहुत छोटी हूँ धूल हूँ मैंं।


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