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Shyam Kunvar Bharti

Romance


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Shyam Kunvar Bharti

Romance


भोजपुरी गजल- जब बसर होला

भोजपुरी गजल- जब बसर होला

1 min 181 1 min 181


केहु के नेह मे देह के ना खबर होला।

प्रेम के रोग ह ई बड़ा जहर होला।

केतनों समझावे केहु कबों ना मानेला।

बहक जाला कदम अइसन ई डहर होला।

प्यार तोहसे ना करी ई का कहलू तू।

चाहे करा रुसवा तनको ना असर होला।

दिहला काहे दिल तू बोला ये बिधाता।

निकसे ना केहु दिल जब उ ठहर जाला।

मिले प्यार मे धोखा ई का जरूरी बा।

खा के ठोकर भी ना केहु सुधर जाला।

बनल दुशमन जमाना राह मोहब्बत मे।

प्यार भइला के रूप ना उमर होला।

प्यार ना करी त का करी दुनिया मे।

बहे आँख से आँसू दिल केहु बसर होला।



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