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Shyam Kunvar Bharti

Abstract Inspirational

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Shyam Kunvar Bharti

Abstract Inspirational

भोजपुरी देवी गीत-चला माई के दुअरिया

भोजपुरी देवी गीत-चला माई के दुअरिया

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मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया।

लाल अड़हुलवा सेनूर चढ़ईहा ललकी चुनरिया।

मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया।

नव दिन नव रूप मे दुर्गा माई आवेली।

शैलपुत्री ब्रम्हचारिणी चंद्रघंटा उ कहावेली।

कुस्मांडा स्कंधमाई कार्तिकायिनी डलिहे नजरिया।

मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया।

सातवाँ रूप कालरात्रि आठवाँ महागौरी रूप हो।

नौवा सिद्धिदात्री चढ़ावा दिया बाती धूप हो।

सुनर हउवे रूपवा माई बना देवी के पुजरिया।

मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया।

छोड़ा पिया माया मोह लगावा नेह माई मे।

नौ दिन बरत उपवास धियान लगावा माई मे।

दरसन पूजन कइके बना मोर बाँके सवारिया।

मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया।

अबकी अस्टमी नवमी एके दिन आई हो।

हवन आरती कइके नौ कन्या भोगा कराई हो।

खुश होइहे दुर्गा माई करीहे सुफल उमरिया।

मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया।



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